Income Tax Rule: निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानिए पूरी जानकारी

Prasanjeet Mandal
6 Min Read

Income Tax Rule: वर्तमान में भारत देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण है, जिन्होंने इनकम टैक्स नियमों में बदलाव की खबरों की अफवाह दिखाई दे रही है।

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इन खबरों को उस सेंसेक्स शुक्रवार को आई बड़ी गिरावट की वजह से सच मान जा रहा था, लेकिन रिपोर्ट्स के द्वारा दावा किया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार कार्यभार संभालने के साथ टैक्स में कमी को रोकने जुर्माना के प्रावधान और सभी स्टेट पर यूनिफॉर्म टैक्स लागू करने की बात सोच रही है।

अगर आप भी वित्त मंत्री द्वारा बताए गए इनकम टैक्स की बड़ी जानकारी को जानना चाहते हैं, तो इस लेख को अंत तक पढ़ सकते हैं, और महत्वपूर्ण जानकारी जान सकते हैं।

वित्त मंत्री ने किया कहा ‘मैं आश्चर्यचकित हूं’

वर्तमान भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई गलत रिपोर्ट्स को देखते हुए, एक्स प्लेटफार्म में लिखा की  मैं आश्चर्यचकित हूं कि यह बातें कहां से आ रही हैं. इन्हें चेक क्यों नहीं किया जाता। यह कोरी अफवाह के सिवाय कुछ नहीं है। चैनल ने ट्वीट कर दावा किया था कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नए नियम लाने की तैयारी में जुटा हुआ है।

फिलहाल शेयर और इक्विटी आधारित म्युचुअल फंड से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) के 1 लाख रुपये से ज्यादा होने पर 10 फीसदी के रेट से टैक्स लगता है। उधर, एफडी से होने वाली आय पूरी तरह टैक्स के दायरे में आती है।

Income Tax Rule से एक्टिव निवेशकों को होगा नुकसान

वर्तमान के इनकम टैक्स अनुसार डेट म्युचुअल फंड निवेशकों को 36 महीने के भीतर होल्डिंग अवधि के लिए शॉर्ट टर्म कैपिटल गैन का भुगतान करना पड़ता है, साथ ही डेट फंड पर एलटीसी इंडक्शन लाभ के साथ 20 फ़ीसदी है और इक्विटी निवेशकों पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा अगर इनकम टैक्स नियम में बदलाव हुआ तो।

Income Tax Rule रिपोर्ट्स के चलते निवेशकों को हुई घबराहट

इस रिपोर्ट के चलते निवेशकों में बेहद बड़ी घबराहट देखने को मिली है, सेंसेक्स 1100 अंक तक नीचे चला गया है, शाम को यह 733 पॉइंट नीचे जाकर बंद हुआ था। निफ्टी भी 172.35 अंक से नीचे गिर गया है, अब देखना यह है कि आगे इस खबर का क्या नतीजा होता है और मार्केट में सोमवार को इसका क्या प्रभाव होगा।

Income Tax Rule Deatails

यदि आपने अभी तक इनकम टैक्स की महत्वपूर्ण जानकारी को नहीं जाना है, तो सबसे पहले आपको इनकम टैक्स की सभी महत्वपूर्ण जानकारी का पता होना बेहद आवश्यक है, इसीलिए आपके लिए नीचे टेबल में महत्त्वपूर्ण जानकारी को उपलब्ध करवाया गया है।

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श्रेणीविवरण
करदाताआयकर अधिनियम के अनुसार, भारत में सभी निवासियों और गैर-निवासियों को आयकर रिटर्न फाइल करना अनिवार्य है। विभिन्न प्रकार के करदाताओं, जैसे व्यक्तियों, हिन्दू अविभाजित परिवारों (HUFs), फर्मों, कंपनियों, युक्तियों के संघ (AOPs), और व्यक्तियों के शरीर (BOIs), के लिए विभिन्न कर नियम लागू होते हैं।
निवासी बनाम गैर-निवासीनिवासियों को भारत और विदेश में कमाई गई वास्तविक आय पर कर देना होता है, जबकि गैर-निवासी लोगों को केवल भारत में कमाई या अधिग्रहण की गई आय पर ही कर देना होता है। आयकरी दर्जा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए व्यक्तिगत भूमिका के आधार पर अलग-अलग निर्धारित किया जाना चाहिए।
आय के प्रकारआय को पांच मुख्य शीर्षकों में विभाजित किया जाता है: अन्य स्रोतों से आय, घर की संपत्ति से आय, पूंजी लाभ से आय, व्यवसाय और व्यावसायिक से आय, और वेतन से आय।
करदाताओं और कर श्रेणियाँभारतीय आयकर कानूनों के तहत विभिन्न करदाताओं को विभिन्न कर श्रेणियों के अनुसार कर लगाया जाता है, जहां आय की स्लैब के अंतर्गत करों की वृद्धि होती है। प्रत्येक कर स्लैब का अलग-अलग कर दर होता है।
वित्तीय वर्ष (FY)वित्तीय वर्ष वह अवधि है जिसे करदाता लेखांकन और वित्तीय रिपोर्टिंग के उद्देश्यों के लिए उपयोग करते हैं। यह वर्ष होता है जिसमें आय कमाई जाती है। आयकर अधिनियम के अनुसार, ऐसी अवधि 1 अप्रैल से शुरू होती है और 31 मार्च तक चलती है। इसे “FY” के रूप में संक्षिप्त किया जाता है। उदाहरण के लिए, 1 अप्रैल 2023 से लेकर 31 मार्च 2024 तक की वित्तीय वर्ष को FY 2023-24 के रूप में लिखा जा सकता है।
मूल्यांकन वर्ष (AY)मूल्यांकन वर्ष वह वर्ष है जो वित्तीय वर्ष के तत्काल बाद शुरू हो

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